तिलहर तहसील के थाना खुदागंज ग्राम नवादा दरौवस्त क्रान्तिकारी अमर शाहीद ठाकूर रोशन का गाँव आज भी बदहाली के आँसू रो रहा है ! जबकि केंद्रीय मंत्री कृष्णाराज के द्वारा गोद लिया हुआ आज भी इस आदर्श गाँव को ठाकुर रोशन सिंह के गांव के नाम से जाना जाता है ! लेकिन यहाँ के बाशिंदे परेशान हैं ।आजादी से पहले गांव में लिए सड़के नहीं हुआ करती थी और कच्ची नालिया हुआ करती थी और पम्प नलों की जगह कुएं खुदवाये जाते थे, लेकिन सुलभ शौच करने गाँव के लोगों को खेतों में जाना पड़ता था परंतु आजादी के बाद काफी ग्रामीण इलाको मे विकास कुछ लाइन पर आ गया था पर नवादा दरोवस्त आज भी बही पर है जैसे अब से सत्तर साल पहले था मगर जब प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई थे तब उनकी सरकार की कार्य योजना में गांव की सड़कों को मुख्य सड़कों से जोड़ा था परंतु खुदागंज से अमर ठाकुर रोशन सिंह का गांव बदहाली में अपना जीवन बिता रहा है और विडंबना देखिये कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनें तो उन्होंने सभी सांसदों से अपील की थी कि सभी सांसद एक- एक गांव को गोद लें और उस गांव को आदर्श बनाएं इसी योजना के तहत उन्होंने गांव को संज्ञा दी “आदर्श गांव “परंतु यहां पर आने जाने का रास्ता स्वतंत्रता से पहले के रास्तों से भी बदतर है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ अस्पताल तो बनाया गया लेकिन डा०एक दिन भी नजयर नही आये यहाँ  अस्पताल 6 साल से बंद रहता है और उस पर कोई डॉक्टर की तैनाती नहीं है अगर किसी महिला को प्रसव पीड़ा हुई तब बच्चे का जन्म गाड़ी में ही हो जाता है और महत्वपूर्ण बात देखिए ठाकुर रोशन सिंह की परपोती की शादी के लिए सामाजिक संगठन आगे आ रहे हैं। कोई संगठन उन्हें इंगेजमेंट का सामान दे रहा है तो कोई उन्हें नगद राशि देकर हौसला बढ़ा रहा है परंतु सांसद, विधायक और अधिकारी कोई सामने नहीं आ रहा जबकि ठाकुर रोशन सिंह का नाम इतिहास के पन्नो मे दर्ज तो हुआ लेकिन कहानियों के माध्यम से पूरे उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे भारत में जाना जाता है। पर एक प्रश्न बनता है कि नेता और अधिकारी कब तक कैमरे के सामने आकर अपना फोटो खिंचवाते रहेंगे? क्या वास्तव में इनका जनता हित में कार्य करने का कोई दायित्व नहीं बनता है ?इस संदर्भ में जब ग्राम प्रधान से बात की गई तो प्रधानपति कैप्टन अशोक सिंह ने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री कृष्णा राज से कई बार अपनी बात को रखा था उस समय तब मा०कृष्णराज ने उनसे कहा था कि अभी हमारी सरकार केंद्र में है परंतु राज्य में नहीं है लेकिन अब एक और बात रोचक बन रही है कि अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार उत्तर प्रदेश के साथ साथ केंद्र में भी है इसके बाबजूद भी “आदर्श गांव” इतना पीछे क्यों है? यही कारण जब ग्रामवासियों से जाना तब यही बताया गया कि यहाँ नेता लोग सिर्फ बोटो कि राजनीति करते है ! और शहीदो के नाम का मज़ाक बनाकर दिखावा करते हैं लेकिन काम नहीं करते।जनता का कहना है कि अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम से नेता लोग वोट तो ले लेते हैं परंतु उसके बाद कोई झांकने भी नहीं आता है ।”आदर्श गांव “में मकानों की दशा कुछ और बयां कर रही है बीपीएल और अंतोदय धारकों में रोष व्याप्त है कि उन्हें न आवास मिला,न सुलभ शौचालय और न तमाम मूलभूत आवश्यकताएं मिली। जबकि जिन शहीदो के खातिर आज हमारा पुरा भारत देश आजा़द हो कर चैन कि साँस ले रहा है ! बही अमर शहीद ठा०रोशन सिंह का गांव आज भी अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहा है !

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